जब 2 साल के मासूम बच्चे के सर में घुसा पावर प्लग और फ़िर…

नन्हे बच्चे इतने प्यारे और नाजुक होते है की एक पल उन्हें छूने से भी डर लगता है | आखिर बच्चे होते ही इतने नाजुक है | मासूम बच्चे अपनी पलके भी सही से नहीं खोल पाते इतना ही नहीं इन बच्चो की मासूमियत कुछ ऐसी होती है | ये नन्हे बच्चे जब थोड़े थोड़े बड़े हो रहे होते है तो इन बच्चो को सबसे पहले जमीनीतौर पर भागदौड़ करनी होती है | इतना ही नहीं ये नन्हे मासूम जैसे जैसे चलते है इनके माता पिता की ख़ुशी उस समय देखते ही बनती है | आपको आज हम एक ऐसी दर्दनाक घटना के बारे में बताने जा रहे है जिसके बारे में शायद जब आप पूरी घटना सुनेंगे तो आपकी आँखों में आंसू आ जाएंगे | इतना ही नहीं शायद यह घटना आपको रोने पर मजबूर कर दे मगर अफ़सोस शायद ये भारत में होता तो इस बच्चे को बचा पाना बेहद मुश्किल होता | खैर आइये बताते है आपको उसके बारे में |

पेरेंट्स के ध्यान ना देने की वजह से हादसा

कभी कभी पेरेंट्स बच्चो पर कुछ इस कदर केयर करने लगते है की उन्हें डर होता है की अगर बच्चे घर से बाहर गए तो उन्हें रिस्क हो सकता है इसलिए इन बच्चो को वो घर में ही रखते है | मगर कभी कभी बच्चो की एंटी केयर भी घातक हो जाती है |

सर में घुसा प्लग

आपको बता दे की छोटा मासूम जब अपने घर में खेल रहा था तभी अचानक से बच्चे ने चलना शुरू कर दिया और बिजली के प्लग के पास जाकर बच्चा रुक गया | व्हा वो प्लड के साथ खेलने लगा जिसके बाद वो प्लड बच्चे के नाजुक से सर में घुस गया |

दर्द से करहा मासूम

नन्हा मासूम केवल दर्द से कराहता रहा मगर वो अपनी बात किसी से कह नहीं सकता था | ऐसे में जब माता पिता बच्चे को लेकर डॉक्टर के पास पहुंचे तो उसका तुरंत आईसीयू में भर्ती कराया गया |

चीन के गुआंगजौ का मामला

ये मामला चीन के गुआंगजौ में स्थित एक घर में खेल रहे दो साल के बच्चे चेन चेन का है जिसके साथ अनजाने में ही ऐसी खतरनाक घटना घटी जिसके बारे में सुनकर भी दिल दहल उठेगा || आपको बता दे यहाँ पर एक दो साल का बच्चा खेलते-खेलते अचानक बिस्तर से गिर गया और उसके सर में एक पावर प्लग धंस गया जिसके बाद उसके परिजनों ने सही वक्त पर उसे देख लिया जिसके बाद वे अफरातफरी में बच्चे को लेकर अस्पताल गये जहाँ तीन तीन घंटे लंबे ऑपरेशन के बाद डॉक्टरों ने अपने सिर से प्लग को सफलतापूर्वक हटा दिया है जिससे इस बच्चे की जान बच गयी है लेकिन ये हादसा इतना खतरनाक था की यदि समय पर बच्चा अस्पताल नहीं पहुंचा तो शायद आज उसकी जान जानी निश्चित थी |