पुलवामा हमले के बाद डाकू मलखान सिंह ने कहा, मैं मेरे 700 बागियों के साथ बॉर्डर पर जाने को तैयार

बिहार के शेर कहे जाने वाले ठाकुर मलखान सिंह ने पुलवामा आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान को ललकारा है। मलखान सिंह ने कहा है कि मध्य प्रदेश में कुल 700 बागी बचे हैं। अगर सरकार उनसे चाहती हैं तो वे बिना किसी शर्त और वेतन के बॉर्डर पर देश के लिए मर-मिटने को तैयार हैं। उन्होंने यह भी कहा कि हमने 15 साल तक बीहड़ों में कोई राम-कथा नहीं पढ़ी है और उन्होंने अपने जोशीले अंदाज में यह भी कहा कि मां भवानी की कृपा से सब कुछ अच्छा ही होगा, कुछ भी नहीं बिगड़ेगा और इतना ही नहीं यह भी कहा कि पाकिस्तान को जरूर धूल चटा चटा दूंगा। पाकिस्तान को उसकी औकात ना याद दिला दी तो मेरा भी नाम मलखान सिंह नहीं।

उन्होंने कहा कि मैं गांव और जिले का बागी रहा हूं। देश का नहीं। बीते मंगलवार को डाकू मलखान सिंह पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने कानपुर उनके घर पहुंचे। वहां पर उन्होंने सीधा बीजेपी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब वादे पूरे नहीं होंगे तो हारेंगे ही। जैसे कि मध्य प्रदेश में हार गए में हार गए।

इस दौरान मलखान सिंह ने लोकसभा में अपनी टिकट मिलने की इच्छा जताई और बोला अगर मुझे टिकट मिलती है, तो मैं जरूर लडूंगा। इसके बाद उन्होंने कहा कि चुनाव तो आते-जाते रहेंगे, लेकिन यह समय है आतंकी हमले का बदला लेने का और आतंकियों को करारा जवाब देने का। अगर कश्मीर पर जल्द से जल्द कोई फैसला नहीं लिया जाता है तो लोगों का राजनीति पर से भरोसा उठ जाएगा। सिर्फ 3 आतंकियों को मारने में हमारे 5 जवान और शहीद हो गए मलखान सिंह ने कहा कि मैंने सन सन 1982 में आत्मसमर्पण किया था।

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उस वक्त मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह के मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह थे। यह आत्मसमर्पण इंदिरा गांधी जी की परमिशन पर हुआ था। मैंने मंच से ऐलान किया था कि किया था कि यदि किसी महिला के द्वारा शिनाख्त कर दिया जाए कि मलखान सिंह ने चांदी की अंगूठी उतारी हो तो इसी मंच पर फांसी पर लटका दिया जाए। हम राजनीति अन्याय के खिलाफ करेंगे,पेट भरने के लिए नहीं। हमारी पहली प्राथमिकता विकास कार्य करना है, जनता की समस्याओं का निवारण करना है।