अभी-अभी: आ गई अभिनंदन के बॉडी टेस्ट की रिपोर्ट..जानिए PAK आर्मी ने उनके अंदर चिप लगाई या नहीं

शुक्रवार को पाकिस्तान से भारत लौट आये थे इंडियन एयर फाॅर्स के विंग कमांडर अभिनंदन. हम यहा आपको बता दें भारतीय सीमा में घुसपैठ की कोशिश कर रहे पाकिस्तान के F-16 विमान को निशाना बनाने के बाद विंग कमांडर अभिनंदन वर्धमान का मिग-21 बुधवार को क्रैश हो गया था. उन्हें पैराशूट के जरिए इजेक्ट होना पड़ा. जिसके बाद वह पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में चले गए थे.

जहां पाकिस्तानी सेना ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था.विंग कमांडर अभिनंदन भारत लौट आए हैं। उन्होंने शुक्रवार की रात के 9:20 पर भारत में कदम रखा। BSF अधिकारियों ने उन्हें रिसीव किया। इसके बाद पूरे देश में जश्न शुरू हो गया था. भारत आने के बाद वायु सेना अपनी मेडिकल टीम से सबसे पहले उनकी 100 प्रतिशत जांच करई जिसके बाद कई चौकाने वाले तथ्य सामने आये है. इंडियन एयरफोर्स के विंग कमांडर अभिनंदन पाक से छूटकर तो आ गए हैं लेकिन अभी वे अपने घर नहीं जा सकेंगे। उन्हें सेना के आरआर अस्पताल में रखा गया है।

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुशार, वे डीबगिंग की प्रॉसेस से गुजर चुके हैं। इसमें यह पता लगाया गया कि कहीं दुश्मनों ने उनकी बॉडी में कोई जासूसी उपकरण तो फिट नहीं किया। यह मेडिकल जांच काफी तकलीफ देने वाली होती है। हॉस्पिटल से हरी झंडी मिलने के बाद ही उन्हें आईएएफ की मेस में भेजा जाएगा।

विंग कमांडर का साइकोलॉजिकल टेस्ट भी किया जाएगा. क्योंकि वो दुश्मन की धरती पर अकेले पकड़े गए थे. उन्हें वहां बंदी के तौर पर रखा भी गया. इस बात की आशंका है कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित गुप्त जानकारियों के लिए उन्हें मानसिक और शारीरिक तौर पर प्रताड़ित किया गया हो. इससे उन्हें आघात लगा हो. ये पता करना जरूरी होगा कि उनकी मानसिक स्थिति फिलहाल कैसी है?

जांच के बाद ही मिल सके अपने परिजनों से

अभिनंदन को एक महीने तक वायुसेना की मेस में ही रहना होगा। इस दौरान उनसे कड़ी पूछताछ भी की जाएगी। जब तक वे यहां रहेंगे, तब तक परिजन कुछ ही घंटों के लिए उनसे मुलाकात कर सकेंगे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इंडियन एयरफोर्स के नियमों के तहत अभिनंदन को सभी जांचों से गुजरना जरूरी है। अभी तक की जांच में उनकी बॉडी की डीबगिंग की गई है। इसमें यह देखा गया है कि कहीं नाक, कान, मुंह, मलद्ार के रास्ते या पेय पदार्थों के जरिए कोई चिप तो उनकी बॉडी में फिट नहीं की गई। हालांकि इस जांच में कोई गड़बड़ी नहीं मिली।

इसके बाद ही अभिनंदन को अपने परिजनों और डिफेंस मिनिस्टर से मिलने की अनुमति दी गई थी। अभी वे डीब्रिफिंग की प्रक्रिया से गुजर रहे हैं। इसमें उनसे पाकिस्तान में बिताए 60 घंटों को लेकर पल-पल की जानकारी पूछी जा रही है।

भारत में अभिनन्दन से कौन सी एजेंसिया करती हैं पूछताछ

सेना के नियमों के तहत युद्धबंधियों से सैन्य खुफिया शाखा के साथ ही रॉ, एनआइए और आईबी अधिकारियों द्वारा पूछताछ की जाती है। एजेंसिया पाकिस्तान से जुड़ी एक-एक डिटेल के बारे मे बारीकी से पूछती हैं और उनका विश्लेषण करती हैं।

जानिए क्या होती है डीब्रिफिंग में

यह एक तरह का काउंसलिंग सेशन होता है। इसमें संबंधित व्यक्ति की साइकोलॉजिकल थिंकिंग और दिमाग की अवस्था जांची जाती है यह पता किया जाता है कि घटना का कैसा असर, उनके दिमाग पर पड़ा है। IAF के साथ ही इंटेलीजेंस एजेंसी इस सेशन में शामिल होती हैं। इसमें इनफॉर्मल चैट भी होती है। जिसमें बीते दिनों में हुए घटनाक्रम की पूरी जानकारी ली जाती है।

इसमें ये भी जांचा जाता है कि कहीं संबंधित व्यक्ति दुश्मन के प्रभाव में तो नहीं आ गया। हालांकि अभिनंदन के केस में यह दिक्कत नहीं है क्योंकि उन्होंने सिर्फ 60 घंटे ही पाक में बिताए ये भी पूछा जाएगा कि पाकिस्तान में उनसे किस तरह जानकारी ली गई। जिस जगह रुके थे, वहां की भी पूरी जानकारी ली जाएगी।