वास्तु शास्त्र: जिस घर की औरते करती है ये 7 काम, वहाँ क़दम भी नहीं रखती देवी लक्ष्मी

कहते हैं घर की बेटी और बहू लक्ष्मी का रूप होती हैं। ये बात बिलकुल सत्य हैं। भारतीय संस्कृति में घर की बहु-बेटी को देवी लक्ष्मी का रूप माना जाता है। इसीलिए हमारे यहां हर शुभ काम घर की लक्ष्मी यानी बहु और बेटी को विशेष महत्व दिया जाता है। जहाँ एक तरफ घर की बेटी शादी के बाद विदा होकर चली जाती हैं तो वहीँ दूसरी और किसी दुसरे की बेटी हमारे घर बहू बनकर प्रवेश करती हैं। इस तरह हमारे घर में लक्ष्मी का वास हमेशा बना रहता हैं। पर इसके साथ घर की गृह लक्ष्मी के उचित-अनुचित कर्म का भी फल घर के सुख-सौभाग्य पर पड़ता है।

इसलिए घर में मां लक्ष्मी की कृपा बने रहने के लिए आवश्यक है कि घर की लक्ष्मी कुछ बुरे या अशुभ कर्मों से बचे रहे। आज हम आपको ऐसे कुछ कार्यों के बारे में बता रहे हैं जिसे घर की औरतों को करने से बचना चाहिए। क्योंकि मान्यताओं के अनुसार अगर घर की औरते ऐसा कुछ काम करती है तो उस घर से देवी लक्ष्मी हमेशा के लिए नाराज हो जाती हैं, और वो उस घर में कभी प्रवेश नहीं करती जंहा ये कार्य होते है। तो आइये जानते है, कि घर की स्त्रियों को कौन कौन से कार्य नहीं करने चाहिए।

उचित साफ-सफाई ना रखना

Clean House

ये तो हम सभी जानते हैं देवी लक्ष्मी को साफ-सफाई विशेष प्रिय है और जहां उचित साफ-सफाई नहीं होती वहां कभी लक्ष्मी नहीं टिकती हैं। लेकिन आजकल की नई जनरेशन अपने घर की साफ़ सफाई से जायदा खुद के सजने सवरने पर ज्यादा ध्यान देती हैं, पर घर की साफ-सफाई से उन्हे कोई मतलब नहीं रहता है। ऐसे में इन आदतों के चलते जहां घर में गंदगी इकठ्ठा होती है, वहीं देवी लक्ष्मी आपसे नाराज होकर चली जाती हैं। महिलाओं की इन आदतों के चलते घर में गंदगी एकत्रित होने लगती हैं और लक्ष्मी जी रूठ के चली जाती हैं। इसलिए अगर आप चाहती हैं कि आप घर में मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बनी रहे तो आपको घर की साफ-सफाई पर भी उचित ध्यान देना होगा।

आलस और लड़ाई झगड़े का माहौल 

Evning Time

धार्मिक मान्यताओं के आधार पर परिवार में किसी सदस्य को शाम के बक्त नहीं सोना चाहिए। साम के बक्त आलस करना व संध्या समय तक सोते रहना नकारात्मक ऊर्जा का प्रभुत्व घर में स्थापित करता है। जिसकी बजह से घर परिवार में लड़ाई झगड़ा व अशांति का माहौल बना रहता है। जिस परिवार में लड़ाई झगड़ा व आलस की बजह से नकरात्मक ऊर्जा बनती है, उस परिवार में माता लक्ष्मी कभी प्रवेश नहीं करती है। ऐसे घरो से लक्ष्मी माँ दूर ही रहना पसंद करती हैं।

झाड़ू का ना करें अपमान 

Jhadu

धार्मिक मान्यताओं में झाड़ू को भी देवी लक्ष्मी की रूप माना जाता है, ऐसे में घर की औरतों को भी झाड़ू का उचित सम्मान करना चाहिए। अक्सर देखा जाता है, कि घर की औरते साफ सफाई का कार्य कर झाड़ू को इधर उधर फेंक देती है। या फिर झाड़ू को अपने पैरो से मारकर इधर उधर सरका देती है। लेकिन घर की औरतो को भूलकर भी झाड़ू को पैर नहीं लगाना चाहिए। साथ ही झाड़ू को लोगों की नजरों से हमेशा बचाकर उचित स्थान पर रखना चाहिए। ऐसा ना करने पर घर में नकारात्मक ऊर्जा रहती है। जिसकी बजह से लक्ष्मीजी उस परिवार से दूर ही रहती है।

घर के दरबाजे को ठोकर मारना

Main Gate

धार्मिक मान्यताओं के आधार घर का मुख्य द्वार सौभाग्य का प्रतीक होता है। गृह प्रवेश के दौरान घर के मुख्य दौर पर धार्मिक चिन्ह स्वस्तिक बनाकर पूजा की जाती है। मान्यताओं के अनुसार, ऐसा कर हम समस्त देवी देवताओ को अपने घर विराजित होने का निमंत्रण दे रहे होते है। लेकिन जब हम उसी दरबाजे को पैर की ठोकरों से पीटते है, या फिर पैर से धकेल कर बंद करते है। तब हम दरबाजे को नहीं बल्कि अपनी किस्मत को ठोकर मार रहे होते है। ऐसे परिवार में कभी देवी लक्ष्मी प्रवेश नहीं करती, जिसमे उनका स्वागत ना हो।

रात में झूठ बर्तन ना रखें

Jhuthe Bartan

धार्मिक मान्यताओं में घर की रसोई को भी विशेष महत्व दिया गया है। माना जाता है कि रसोई को साफ-सुथरा रखने से देवी लक्ष्मी हमेशा प्रसन्न रहती हैं। पर कुछ लोग रात में झूठे बर्तन वैसे ही छोड़ देते हैं जिससे कि देवी लक्ष्मी नाराज हो जाती हैं। साथ ही रसोई में भोजन पकाते समय घर की औरतों को इस बात का भी ध्यान रखना चाहिए कि भोजन बनने के बाद चुल्हे से तवा और दूसरे बर्तन हटा दें क्योंकि चुल्हे पर बेवजह या खाली बर्तन रखना अच्छा नहीं माना जाता है। इसलिए परिवार के सदस्यों को चाहिए की रात में बर्तन को साफ़ कर रख दे, जिससे सुबह होते ही सकरात्मक माहौल बन जाए।

Clean House

मेहमान भी भगवान का स्वरूप माना जाता है। ऐसे में घर की औरतों को कभी भी भूलकर घर आए किसी भी मेहमान का अपमान नहीं करना चाहिए। बल्कि घर की लक्ष्मी को तो घर आए अतिथि का विशेष आवभगत करना चाहिए। इससे घर में भगवान की कृपा से सुख-समृद्धी बनी रहती है। इसके साथ ही गृहलक्ष्मी को घर की दहलीज पर कभी नहीं बैठना चाहिए और ना ही यहां बैठकर भोजन आदी करना चाहिए। क्योंकि शास्त्रों में घर की दहलीज को विशेष स्थान दिया गया है। ऐसे सकारात्मक परिवार में ही माता लक्ष्मी का प्रवेश होता है।